भारतीय संस्कृति में दान और सेवा को महान पुण्य कार्य माना गया है। गुप्त नवरात्रि के दौरान अनेक श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हैं।

🌺 क्या दान किया जा सकता है?
🔸 अन्नदान
🔸 वस्त्रदान
🔸 फल वितरण
🔸 गौ सेवा
🔸 पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था
🔸 गरीब विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री
🌸 सेवा का वास्तविक अर्थ
दान केवल धन देना नहीं है। किसी दुखी व्यक्ति की सहायता करना, मधुर वाणी बोलना और समाज के लिए अच्छा कार्य करना भी सेवा का ही रूप माना गया है।
देवी उपासना तभी सार्थक होती है जब उसके साथ करुणा और सेवा का भाव भी जुड़ा हो।
जय माँ जगदम्बा।



